गोल्डन कार्ड की खामियों को लेकर पेंशनर्स का धरना, सुविधाएं बेहतर करने की उठाई मांग

गोल्डन कार्ड की खामियों को लेकर पेंशनर्स का धरना, सुविधाएं बेहतर करने की उठाई मांग

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

गोल्डन कार्ड व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पेंशनर्स को उपचार में आ रही परेशानियों को लेकर मंगलवार को बुद्ध पार्क में राजकीय पेंशन धारक संगठन के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में शामिल पेंशनर्स ने राज्य सरकार से गोल्डन कार्ड व्यवस्था में सुधार कर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

धरना दे रहे पेंशनर्स का कहना था कि वे पिछले कई वर्षों से गोल्डन कार्ड से जुड़ी समस्याओं को सरकार और संबंधित विभागों के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन अभी भी कई व्यावहारिक दिक्कतें बनी हुई हैं। उनका आरोप है कि योजना का लाभ लेने के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

पेंशनर्स ने बताया कि कई अस्पताल गोल्डन कार्ड योजना के पैनल में शामिल होते हैं, लेकिन संबंधित बीमारी के विशेषज्ञ चिकित्सक अथवा उपचार की सुविधा पैनल में उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे में बुजुर्ग पेंशनर्स को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकना पड़ता है।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एक ओर पेंशन से गोल्डन कार्ड योजना के लिए निर्धारित अंशदान की कटौती होती है, वहीं दूसरी ओर जरूरत के समय अपेक्षित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। उन्होंने मांग की कि पैनल में शामिल अस्पतालों के साथ उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों और उपचार सुविधाओं की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

राज्य में गोल्डन कार्ड यानी स्टेट गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम से जुड़ी समस्याओं को लेकर कर्मचारी और पेंशनर संगठन पहले भी अस्पतालों में अलग काउंटर, पैनल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने और उपचार संबंधी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग उठा चुके हैं। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच इन विषयों पर पूर्व में बैठकें भी हुई हैं।

धरना-प्रदर्शन के दौरान संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि अन्य राज्यों में पेंशनर्स को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का अध्ययन कर उत्तराखंड में भी बेहतर व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए समान सुविधाएं उत्तराखंड में देने की मांग की।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ पेंशनर्स को नियमित चिकित्सा और विशेषज्ञ उपचार की अधिक आवश्यकता होती है। इसलिए गोल्डन कार्ड के तहत ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें सूचीबद्ध अस्पताल में पहुंचने के बाद मरीज को डॉक्टर या उपचार के पैनल में न होने के कारण वापस न लौटना पड़े।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से गोल्डन कार्ड से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने, अस्पताल और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा पेंशनर्स की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की। राज्य स्तर पर गोल्डन कार्ड लाभार्थियों की शिकायतों और चिकित्सा दावों के निस्तारण के लिए व्यवस्थाएं निर्धारित की गई हैं, लेकिन पेंशनर संगठन इनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दे रहे हैं।

धरना देने वाले पेंशनर्स ने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने गोल्डन कार्ड योजना को व्यावहारिक और पेंशनर्स के लिए अधिक उपयोगी बनाने की मांग करते हुए कहा कि चिकित्सा सुविधा का लाभ धरातल पर मिलना सबसे जरूरी है।