जनता मिलन में 195 शिकायतें, डीएम ने समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

जनता मिलन में 195 शिकायतें, डीएम ने समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सोमवार को जिला सभागार में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार ने की।

जनता मिलन में जनपद के विभिन्न और दूरस्थ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपनी समस्याएं एवं मांगें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 195 शिकायतें एवं आवेदन प्राप्त हुए।

जनता मिलन में सोलर लाइट, फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ एवं चेनलिंक फेंसिंग, प्रधानमंत्री आवास, सुरक्षा दीवार, आर्थिक सहायता और राशन कार्ड से संबंधित कई मामले प्रमुखता से उठाए गए।

इसके अलावा पशुपालन, मत्स्य पालन, सड़क और पेयजल सहित अन्य विभागों से संबंधित समस्याएं भी लोगों ने जिलाधिकारी के सामने रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी शिकायतों का नियमानुसार समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से पात्र व्यक्तियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने को कहा।

जनता मिलन के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनता मिलन का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं, बल्कि लोगों को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ यथासंभव एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना भी है।

कार्यक्रम के दौरान जिला पर्यटन अधिकारी के अनुपस्थित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनता मिलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में संबंधित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से पेयजल, सड़क और दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से सीधे जुड़े मामलों में अधिकारी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें।

डीएम मनीष कुमार ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का समाधान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने जनता मिलन में प्राप्त सभी प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।