
स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के लोहाघाट में प्रस्तावित बाईपास निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू हो गई है। बाईपास में प्रस्तावित टनल निर्माण के लिए देवीधार क्षेत्र में मिट्टी की जांच के उद्देश्य से बोरिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है।

दिल्ली से पहुंची तकनीकी टीम प्रस्तावित टनल निर्माण स्थल पर बोरिंग कर मिट्टी के नमूने एकत्र कर रही है। तकनीकी कर्मचारी यशपाल ने बताया कि टनल निर्माण के लिए प्रस्तावित क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर बोरिंग की जानी है।


उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्थान पर करीब 300 फीट गहराई तक बोरिंग की जाएगी। इस दौरान हर डेढ़ फीट की गहराई से मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं, ताकि जमीन की संरचना और टनल निर्माण के लिए उसकी उपयुक्तता का विस्तृत अध्ययन किया जा सके।


बोरिंग से प्राप्त मिट्टी के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। तकनीकी टीम के अनुसार यदि कार्य बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलता रहा तो करीब एक महीने में नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।


राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों के अनुसार लोहाघाट बाईपास में दो अलग-अलग टनल प्रस्तावित हैं। इनमें से एक टनल से वाहनों के आने और दूसरी टनल से वाहनों के जाने की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल टनल निर्माण स्थल की भूगर्भीय स्थिति जानने के लिए मिट्टी के नमूने लिए जा रहे हैं। प्रयोगशाला से मिट्टी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही टनल निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।



ऐसे में लोहाघाट बाईपास में प्रस्तावित टनल का भविष्य काफी हद तक मिट्टी की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। यदि जांच में जमीन टनल निर्माण के लिए उपयुक्त पाई जाती है तो परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

लोहाघाट नगर को लंबे समय से जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोग वर्षों से बाईपास निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। बाईपास बनने से नगर के भीतर से गुजरने वाले भारी और बाहरी वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर सड़क परियोजना के तहत तीन बाईपास प्रस्तावित हैं। इनमें चंपावत बाईपास पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि अब लोहाघाट बाईपास की प्रस्तावित टनल के लिए मिट्टी जांच शुरू होने से परियोजना आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।

