
स्थान : भीमताल
ब्यूरो रिपोर्ट

ओखलकांडा ब्लॉक के रिखाकोट क्षेत्र में सुरगढ़ा नदी पर मोटर पुल नहीं होने से लंबे समय से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की आवाजाही प्रभावित होती थी।

ग्रामीणों का कहना था कि सुरगढ़ा नदी पर पुल नहीं होने के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में जोखिम उठाना पड़ता था। बरसात के दौरान कई बार ग्रामीणों और बच्चों का आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता था।



क्षेत्रवासियों ने इस समस्या को लेकर मंत्री राम सिंह कैड़ा से रिखाकोट के पास सुरगढ़ा नदी पर मोटर पुल निर्माण की मांग की थी। इससे पहले खनस्यू से टांडा-रिखाकोट तक मोटर मार्ग का निर्माण कराया गया था, लेकिन नदी पर पुल नहीं होने से सड़क का पूरा लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा था।

मंत्री राम सिंह कैड़ा के अनुसार ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की परेशानी को देखते हुए सुरगढ़ा नदी पर मोटर पुल निर्माण के लिए सरकार से 2 करोड़ 25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कराई गई। पुल निर्माण का कार्य एनपीसीसी कार्यदायी संस्था की ओर से कराया जा रहा है।


मंत्री कैड़ा ने निर्माणाधीन मोटर पुल का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुल निर्माण की धीमी गति को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य में देरी का कारण पूछा।

उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग और ठेकेदार की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण में देरी के कारण स्थानीय लोगों को अभी भी आवागमन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।



मंत्री कैड़ा ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को पुल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और ग्रामीणों को जल्द से जल्द आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

मंत्री ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सड़क, पुल सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य कराया जा रहा है।
इसके बाद मंत्री कैड़ा ने ओखलकांडा ब्लॉक के स्याली, रिखाकोट, खनस्यू, करायल, जमराड़ी, पैटना और तुषराड़ सहित विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

