कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू गिरफ्तार, फर्जीवाड़े और हत्या की साजिश समेत गंभीर आरोप

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू गिरफ्तार, फर्जीवाड़े और हत्या की साजिश समेत गंभीर आरोप

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चार कंपनियों में कथित फर्जीवाड़े, कूटरचित दस्तावेजों के जरिए मंत्री को निदेशक पद से हटाने और उनकी हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोपों के मामले में यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने गिरधारी लाल साहू के साथ उनके भतीजे सतेंद्र राठौर को भी गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश में मामला चर्चा का विषय बन गया है।

जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने 15 अक्टूबर 2026 को देहरादून की कैंट कोतवाली में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने, जान से मारने की धमकी देने और हत्या की साजिश रचने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अलावा कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर करने का भी आरोप लगाया गया था।

मंत्री रेखा आर्य ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके फर्जी हस्ताक्षर तैयार कर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से उन्हें चार कंपनियों के निदेशक पद से हटा दिया गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए कंपनियों में अनुचित लाभ हासिल करने और अन्य लोगों को निदेशक पद पर नियुक्त करने की कोशिश की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल ने विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया था। एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में गठित टीम ने संबंधित दस्तावेजों, ऑडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयानों की जांच की। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरधारी लाल साहू और सतेंद्र राठौर कथित रूप से कंपनियों से जुड़े दस्तावेज तैयार करने में शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, चार कंपनियों में निदेशक पद से जुड़े बदलावों को लेकर दस्तावेजी अनियमितताओं के साक्ष्य मिले हैं। इसी आधार पर सतेंद्र राठौर की भूमिका भी जांच के दायरे में आई और उन्हें मुकदमे में आरोपी बनाया गया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए गिरधारी लाल साहू लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। एसआईटी ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने गिरधारी लाल साहू को उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार किया, जबकि सतेंद्र राठौर को बरेली से पकड़ा गया।

इससे पहले पुलिस ने आरोपियों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भी भेजे थे, लेकिन गिरधारी लाल साहू पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय से गैर-जमानती वारंट हासिल किया था। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने भी एफआईआर निरस्त करने और गिरफ्तारी से राहत देने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज कर दी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरधारी लाल साहू के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य साक्ष्यों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति की गिरफ्तारी के बाद यह मामला प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गिरधारी लाल साहू पूर्व में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार कर चुके हैं। फिलहाल पूरे प्रकरण में आरोपों की अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।