चंपावत में डीएम मनीष कुमार ने खेत में उतरकर काटी मडुआ की फसल, क्रॉप कटिंग प्रयोग का किया निरीक्षण

चंपावत में डीएम मनीष कुमार ने खेत में उतरकर काटी मडुआ की फसल, क्रॉप कटिंग प्रयोग का किया निरीक्षण

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

जनपद चंपावत के ग्राम शक्तिपुर बूंगा में खरीफ सीजन की मडुआ फसल के क्रॉप कटिंग प्रयोग का जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी स्वयं भी कृषक महिलाओं के साथ खेत में उतरे और हंसिया लेकर मडुआ की फसल की कटाई की। उन्होंने किसानों से बातचीत कर खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं और सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ग्राम शक्तिपुर बूंगा में कृषक आनंद सिंह के खेत में पहुंचे, जहां राजस्व एवं सांख्यिकी विभाग की ओर से मडुआ फसल का क्रॉप कटिंग प्रयोग किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने फसल कटाई की प्रक्रिया को करीब से देखा और स्वयं भी कृषक महिलाओं के साथ फसल काटने में भाग लिया।

क्रॉप कटिंग प्रयोग के तहत राजस्व एवं सांख्यिकी विभाग की टीम ने निर्धारित मानकों के अनुसार खेत के 30 वर्ग मीटर क्षेत्र में मडुआ की फसल की कटाई की। इस प्रक्रिया का उद्देश्य फसल की वास्तविक उत्पादकता का वैज्ञानिक तरीके से आकलन करना है, ताकि जिले में कृषि उत्पादन से संबंधित सही आंकड़े प्राप्त किए जा सकें।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कटाई के बाद फसल की मड़ाई और तौल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाए। उन्होंने कहा कि प्राप्त उपज के आधार पर प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादकता का सटीक आकलन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही क्रॉप कटिंग से संबंधित सभी आंकड़ों को पूरी शुद्धता और पारदर्शिता के साथ तैयार करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार ने राजस्व एवं सांख्यिकी विभाग के कार्मिकों को क्रॉप कटिंग से संबंधित आंकड़े, फोटो और वीडियो मौके पर ही एग्री ऐप पर ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से आंकड़ों का समय पर संकलन करने से कृषि उत्पादन की सही जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में सभी क्रॉप कटिंग प्रयोग समयबद्ध तरीके से और पूरी सावधानी के साथ संपन्न कराए जाएं। उन्होंने कहा कि फसल उत्पादन के सही आंकड़े प्राप्त करना बेहद आवश्यक है, क्योंकि इनका उपयोग कृषि योजनाओं, फसल बीमा और प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के आकलन में किया जाता है।

इस दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय किसानों और कृषक महिलाओं से संवाद भी किया। उन्होंने किसानों से खेती में आने वाली परेशानियों, कृषि सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही किसानों से किसान पंजीकरण और डिजिटल रजिस्ट्री कराने की अपील की, ताकि उन्हें कृषि से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किसानों से तैयार धान की फसल को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचकर न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ लेने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसलों का बीमा कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा या प्रतिकूल मौसम के कारण फसल को नुकसान पहुंचने की स्थिति में बीमा योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में सहायक हो सकती है।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी बीसी पंत, मुख्य कृषि अधिकारी डी. कुमार, भू-संरक्षण अधिकारी नारायण सिंह, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, ग्राम प्रधान सहित स्थानीय किसान और कृषक महिलाएं मौजूद रहीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कृषि उत्पादन के सही आंकड़े तैयार करने और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।