बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज, सातवें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज, सातवें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन

स्थान : लालकुआँ
रिपोर्टर : मुन्ना अन्सारी

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस, भाकपा माले और विभिन्न सामाजिक संगठनों का आंदोलन लगातार जारी है। इंडिया गठबंधन के बैनर तले शहीद स्मारक पर चल रहा अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुक्रवार को सातवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

शहीद स्मारक पर आयोजित क्रमिक अनशन में शुक्रवार को कांग्रेस अनुसूचित विभाग के कार्यकारी जिलाध्यक्ष रमेश कुमार सहित क्षेत्र के पांच ग्रामीण शामिल हुए। अनशनकारियों ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र की जनता इस मांग को लेकर संघर्ष कर रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है।

आंदोलनकारियों ने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता वर्षों से राजस्व गांव का दर्जा मिलने की उम्मीद लगाए बैठी है। इस मुद्दे को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार आवाज उठाई जा रही है। इसके बावजूद राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग लंबित बनी हुई है, जिससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।

धरना स्थल पर आयोजित सभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का समर्थन किया और क्षेत्र की जनता से अपने अधिकारों के लिए संगठित रहने का आह्वान किया।

सभा में भाकपा माले की विमला रौंथाण ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता की मांगों को लेकर सभी संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है। उन्होंने आंदोलन को मजबूती देने और जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया।

महिला एकता केंद्र की बिन्दु गुप्ता ने भी धरना स्थल पर आयोजित सभा में भाग लिया। उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और जनता की मांगों के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने महिलाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

धरना स्थल पर मौजूद विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन का समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाना आंदोलन की प्रमुख मांग है। इस मुद्दे पर सभी संगठनों को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर संघर्ष करने की जरूरत है।

आंदोलनकारियों ने कहा कि शहीद स्मारक पर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन के माध्यम से शासन और प्रशासन का ध्यान क्षेत्र की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के सात दिन पूरे होने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

फिलहाल बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस, भाकपा माले और सामाजिक संगठनों का क्रमिक अनशन जारी है। आंदोलनकारियों ने एकजुटता के साथ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है। अब क्षेत्रवासियों की नजर शासन और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हुई है।