
स्थान : लोहाघाट (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले छह महीने से अस्पताल में ईएनटी सर्जन की तैनाती नहीं होने के कारण नाक, कान और गले से संबंधित रोगों का उपचार प्रभावित हो रहा है। दूर-दराज के क्षेत्रों से इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

नगर पालिका के पूर्व सभासद राज किशोर शाह ने अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से जल्द ईएनटी सर्जन की तैनाती करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण क्षेत्र की बड़ी आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।




राज किशोर शाह ने बताया कि लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में जिले के तीन विकासखंडों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। लेकिन अस्पताल में ईएनटी सर्जन नहीं होने के कारण मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उठानी पड़ रही है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। कई मरीज आर्थिक तंगी के कारण बाहर उपचार नहीं करा पाते और बिना इलाज के ही घर लौटने को मजबूर हो जाते हैं।



पूर्व सभासद ने अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग त्वचा संबंधी बीमारियों से परेशान हैं, लेकिन अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से त्वचा रोग विशेषज्ञ की भी जल्द नियुक्ति करने की मांग की।
राज किशोर शाह ने कहा कि लोहाघाट अस्पताल को लगभग पांच वर्ष पहले उप जिला चिकित्सालय का दर्जा दिया गया था, लेकिन आज तक यहां उस स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। अस्पताल में जगह और बेड की कमी के कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार की आवश्यकता जताई।




उन्होंने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों के बैठने के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित कक्ष तक उपलब्ध नहीं हैं। इससे डॉक्टरों को मरीजों की जांच और उपचार करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं अस्पताल में बेंचों की कमी के कारण मरीजों और तीमारदारों को खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।

पूर्व सभासद ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के बजाय विभाग ने अस्पताल में तैनात कुछ विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्थानांतरण कर दिए हैं। हालांकि संबंधित चिकित्सकों को अभी कार्यमुक्त नहीं किया गया है, लेकिन स्थानांतरण के आदेशों के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के जाने से मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
राज किशोर शाह ने शासन, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है। उन्होंने अस्पताल में ईएनटी सर्जन और त्वचा रोग विशेषज्ञ सहित आवश्यक चिकित्सकों की तैनाती, नए अस्पताल भवन का निर्माण, पर्याप्त बेड, चिकित्सकों के लिए कक्ष और मरीजों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

