किसानों की आठ सूत्रीय मांगों को लेकर भाकियू टोड़ा ने खोला मोर्चा

किसानों की आठ सूत्रीय मांगों को लेकर भाकियू टोड़ा ने खोला मोर्चा

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

भारतीय किसान यूनियन टोड़ा ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार और संबंधित विभागों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन टोड़ा ने किसान साथियों के साथ पत्रकार वार्ता कर आठ सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।

सचिन टोड़ा ने बताया कि संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के साथ बैठक कर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के नाम आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी भेजा गया है।

किसान यूनियन ने चकबंदी विभाग की कार्यप्रणाली को प्रमुख मुद्दा बनाया। संगठन का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान छोटे किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें बार-बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

इसके अलावा किसान नेताओं ने चीनी मिलों पर लंबित गन्ना भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मांग की कि किसानों के बकाया भुगतान को जल्द से जल्द दिलाया जाए, ताकि आर्थिक परेशानी से जूझ रहे किसानों को राहत मिल सके।

भाकियू टोड़ा ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। संगठन ने आरोप लगाया कि छोटे बकाया बिलों को लेकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का भी विरोध किया गया।

संगठन ने मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले किसानों की बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।

किसान यूनियन ने जमीन की पैमाइश, राजस्व संबंधी कार्यों और प्रमाण पत्र बनवाने में किसानों को होने वाली परेशानियों को दूर करने की मांग की। इसके अलावा छोटे चालान और कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने का मुद्दा भी उठाया गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन टोड़ा ने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभागों ने जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो किसान यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगी।