पंतनगर में 3 अक्टूबर से 120वां अखिल भारतीय किसान मेला, 400 से अधिक स्टॉल लगने की संभावना

पंतनगर में 3 अक्टूबर से 120वां अखिल भारतीय किसान मेला, 400 से अधिक स्टॉल लगने की संभावना

स्थान : पंतनगर
रिपोर्टर : मुन्ना अन्सारी

गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में 120वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कुलपति डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने प्रेसवार्ता में बताया कि मेला 3 से 6 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

इस वर्ष किसान मेले की थीम ‘स्मार्ट खेती, स्वस्थ धरती, समृद्ध किसान’ रखी गई है। मेले के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नई कृषि पद्धतियों और वैज्ञानिक जानकारी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

कुलपति ने बताया कि मेले में प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज, कृषि यंत्र, ड्रोन तकनीक, कृषि स्टार्टअप और पारंपरिक फसलों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। किसानों को बदलती कृषि तकनीकों और नवाचारों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

किसान मेले में बड़े और छोटे मिलाकर 400 से अधिक स्टॉल लगाए जाने की संभावना है। इन स्टॉलों पर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न संस्थाएं, कंपनियां और विभाग अपने उत्पादों तथा तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे।

मेले में किसानों को उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, कृषि उपकरण और खेती से जुड़ी उपयोगी सेवाओं की जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही नई तकनीकों को खेतों में किस तरह अपनाया जा सकता है, इस पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।

ड्रोन तकनीक इस बार मेले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगी। कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग, फसल निगरानी, छिड़काव और अन्य आधुनिक तकनीकों की जानकारी किसानों को दी जाएगी।

कृषि स्टार्टअप को भी मेले में प्रमुखता दी जाएगी। इसका उद्देश्य कृषि से जुड़े नए उद्यमों और नवाचारों को किसानों के सामने लाना तथा युवाओं को कृषि आधारित स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है।

कुलपति डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने बताया कि 120वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन 3 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे उत्तराखंड के राज्यपाल द्वारा किया जाएगा।

चार दिवसीय किसान मेले में उत्तराखंड के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से किसानों, कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं के पहुंचने की संभावना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आयोजन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।