
स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तहसील चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। पछुवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय किशोर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका।

प्रदर्शन में पूर्व मंत्री नवप्रभात सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग की।


कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। उनका आरोप था कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं और इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।


जिलाध्यक्ष संजय किशोर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की प्रमुख जिम्मेदारी है।


पूर्व मंत्री नवप्रभात ने भी चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से हटाया जाना गंभीर विषय है और इससे मताधिकार प्रभावित हो सकता है।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील चौक पर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ता जुलूस के रूप में तहसील परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा।




कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई गई।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आगे भी आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि मतदाता अधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस सड़क से लेकर संवैधानिक मंचों तक आवाज उठाएगी।
हालांकि मतदाता सूची में गड़बड़ी और नाम हटाए जाने के आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड, दावे-आपत्तियों और जांच प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

