कड़ी सुरक्षा के बीच एमबीपीजी कॉलेज में मतदान शुरू, परिसर बना जीरो जोन

कड़ी सुरक्षा के बीच एमबीपीजी कॉलेज में मतदान शुरू, परिसर बना जीरो जोन

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के लिए मंगलवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू हो गया। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

मतदान शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कॉलेज परिसर को जीरो जोन में तब्दील कर दिया। अनावश्यक वाहनों और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, जबकि प्रवेश द्वारों पर चेकिंग और फ्रिस्किंग की व्यवस्था की गई है।

एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देश पर पुलिस की अलग-अलग टीमें कॉलेज परिसर और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। मोबाइल पेट्रोलिंग और अन्य निगरानी व्यवस्थाओं के जरिए लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस ने चुनाव के दौरान किसी भी संभावित विवाद या अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती कार्रवाई भी की है। पुलिस के मुताबिक आईटीआई गैंग से जुड़े देवेंद्र बिष्ट को हिरासत में लिया गया है। हिरासत के कारणों और आगे की कानूनी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत जानकारी से स्पष्ट होगी।

कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वारों, बैरियरों और आसपास के प्रमुख चौराहों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। छात्रों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही कॉलेज परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है।

मतदान केंद्र के आसपास भीड़ न जुटे, इसके लिए पुलिस लगातार छात्रों और समर्थकों को निर्धारित क्षेत्रों में रहने के निर्देश दे रही है। चुनाव प्रचार से जुड़ी किसी भी गतिविधि को मतदान केंद्र के आसपास प्रतिबंधित रखा गया है।

कॉलेज परिसर के भीतर सुरक्षा के साथ मतगणना से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी पुलिस की नजर है। किसी भी तरह के विवाद या नारेबाजी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि मतदान की पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा बल अलर्ट मोड में रहेगा और किसी भी अराजक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल एमबीपीजी कॉलेज में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। प्रशासन और पुलिस की प्राथमिकता है कि छात्र बिना किसी दबाव और भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें और चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।