
स्थान : चमोली
रिपोर्टर : विनोद पांडे

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चमोली के संयुक्त तत्वावधान में 27 सितंबर 2026 को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर के ऑडिटोरियम में वृहद बहुउद्देशीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य आमजन को विधिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध कानूनी सेवाओं की जानकारी देकर न्याय तक उनकी पहुंच आसान बनाना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष एवं उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी तथा न्यायमूर्ति आलोक मेहरा मौजूद रहे। सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि, जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली के अध्यक्ष बिंध्याचल सिंह, जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित कई न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।



शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से बहुउद्देशीय स्टॉल लगाए गए। चमोली पुलिस ने साइबर सेल, यातायात पुलिस, महिला हेल्पलाइन, फायर सर्विस और एसडीआरएफ के माध्यम से लोगों को साइबर अपराध से बचाव, महिला सुरक्षा, यातायात नियम, अग्नि सुरक्षा और आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।


अतिथियों ने पुलिस और अन्य विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर उपलब्ध संसाधनों और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। फायर सेफ्टी के लिए उपयोग किए जाने वाले फायर बॉल सहित विभिन्न उपकरणों के बारे में भी जानकारी दी गई। न्यायमूर्ति ने ग्रामीण क्षेत्रों में फायर सेफ्टी और साइबर अपराधों को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया।



चमोली पुलिस की साइबर सेल ने बताया कि साइबर अपराध के पीड़ितों को अब तक लगभग 4.50 लाख रुपये की धनराशि वापस दिलाई जा चुकी है। इस पर न्यायमूर्ति ने साइबर सेल के प्रयासों की सराहना की और आम लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत बताई।

अपने संबोधन में न्यायमूर्ति ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य जरूरतमंद व्यक्ति तक आसानी से न्याय पहुंचाना है। राष्ट्रीय स्तर पर नालसा, राज्य स्तर पर सालसा और जिला स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इसी उद्देश्य से कार्य करते हैं, ताकि प्रत्येक नागरिक को उसके संवैधानिक अधिकारों और कानूनी सहायता की जानकारी मिल सके।




कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने चमोली पुलिस द्वारा किए जा रहे राहत, बचाव और जनसेवा कार्यों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने तमक नाला आपदा, टीएचडीसी हादसे और हाल में संपन्न हुई मां नंदा जात यात्रा के दौरान पुलिस द्वारा किए गए रेस्क्यू, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन कार्यों के बारे में बताया।

एसपी ने बताया कि कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में लगभग 280 किलोमीटर की पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, मार्ग व्यवस्था, संचार और आपात सहायता के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल और संसाधन तैनात किए गए थे। न्यायमूर्ति ने इन राहत और सुरक्षा कार्यों की सराहना की।

जिला जज बिंध्याचल सिंह ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध सुविधाओं और कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार पाठक, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पुनीत कुमार, अन्य न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, पराविधिक कार्यकर्ता, पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

