कालसी तहसील में स्वाभिमान मोर्चा का प्रदर्शन, आपदा राहत कार्यों में धांधली का आरोप

कालसी तहसील में स्वाभिमान मोर्चा का प्रदर्शन, आपदा राहत कार्यों में धांधली का आरोप

स्थान : चकराता
ब्यूरो रिपोर्ट

कालसी, चकराता और त्यूणी तहसीलों में कथित भ्रष्टाचार और आपदा राहत वितरण में अनियमितताओं को लेकर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कालसी तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए तहसील परिसर में आरती उतारी। मोर्चा कार्यकर्ताओं का कहना था कि इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए वे तहसीलों की कथित अव्यवस्था और आम लोगों को हो रही परेशानियों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।

उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने आरोप लगाया कि कालसी, चकराता और त्यूणी तहसीलों में आपदा राहत वितरण के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। संगठन का दावा है कि प्रभावित लोग अपने कार्यों के लिए लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो रहा।

मोर्चा ने यह भी आरोप लगाया कि बिना सिफारिश और कथित रिश्वत के लोगों के काम नहीं किए जा रहे। इसके साथ ही आय प्रमाण पत्र बनाए जाने के नाम पर अवैध वसूली के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना शेष है।

मोर्चा नेता रोहित कुमार ने कहा कि यदि आपदा राहत वितरण और प्रशासनिक कार्यों में जल्द पारदर्शिता नहीं लाई गई तो संगठन बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि आम लोगों को सरकारी योजनाओं और राहत का लाभ बिना किसी परेशानी के मिलना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने उप-जिलाधिकारी की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि एसडीएम के मुख्य रूप से कालसी में बैठने के कारण चकराता और त्यूणी के लोगों को छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उन्हें आर्थिक और समय की परेशानी उठानी पड़ रही है।

प्रदर्शन में यशपाल रावत, यशपाल राठौर और शूरवीर सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने और जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। उप-जिलाधिकारी कालसी ने तीनों तहसीलों के लिए नया सर्कुलर जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित फाइलों का तय समय सीमा के भीतर निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। अब प्रशासनिक निर्देशों के बाद व्यवस्था में कितना सुधार होता है, इस पर स्थानीय लोगों और आंदोलनकारियों की नजर बनी हुई है।