शिमला चोरी कांड में आबकारी दरोगा समेत चार गिरफ्तार, चोरी का माल कब्जे में लेने का आरोप

शिमला चोरी कांड में आबकारी दरोगा समेत चार गिरफ्तार, चोरी का माल कब्जे में लेने का आरोप

स्थान : उधम सिंह नगर
ब्यूरो रिपोर्ट

हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक घर से करीब एक करोड़ रुपये के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी होने के मामले की जांच उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर तक पहुंच गई है। हिमाचल पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आबकारी विभाग के दरोगा समेत चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि चोरी का माल लेकर जा रहे संदिग्धों को चेकिंग के दौरान रोकने के बाद आबकारी कर्मियों ने बरामद माल का एक हिस्सा अपने पास रख लिया था।

पुलिस के अनुसार शिमला के सदर थाना क्षेत्र में 8 सितंबर को एक मकान से सोने और हीरे के आभूषण, नकदी, घड़ियां तथा अन्य कीमती सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई थी। जांच के दौरान घर में काम करने वाली नेपाल निवासी एक युवती की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने चोरी की संपत्ति और संदिग्धों की गतिविधियों की जांच आगे बढ़ाई।

जांच में सामने आया कि चोरी के बाद संदिग्ध उत्तराखंड की ओर आए थे। आरोप है कि रामपुर से रुद्रपुर की तरफ आते समय आबकारी विभाग की टीम ने उनकी कार को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण मिलने की बात सामने आई। आरोप है कि इसके बावजूद संबंधित व्यक्तियों को पुलिस के सुपुर्द करने के बजाय जाने दिया गया और चोरी की संपत्ति का एक हिस्सा आबकारी कर्मियों ने अपने कब्जे में रख लिया।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार आबकारी टीम पर करीब 80 हजार रुपये नकद और लगभग आधा किलो सोना लेने का आरोप है। हिमाचल पुलिस की जांच में इस घटनाक्रम से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद ऊधमसिंह नगर पुलिस से संपर्क किया गया और संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई।

इसके बाद आबकारी विभाग के उप निरीक्षक देवेंद्र कुमार, कांस्टेबल बलजीत सिंह, उपनल कर्मी पप्पू लाल और पीआरडी जवान नईम को गिरफ्तार किया गया। हिमाचल पुलिस चारों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई। मामले में एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस जांच में चोरी की संपत्ति का बड़ा हिस्सा बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है। हिमाचल पुलिस के अनुसार कुल चोरी हुई संपत्ति में से करीब 80 प्रतिशत माल बरामद किया जा चुका है। हालांकि आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका और उनके कब्जे से हुई बरामदगी का पूरा विवरण आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।

मामले के सामने आने के बाद ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन ने भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई की है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने आबकारी दरोगा देवेंद्र कुमार और कांस्टेबल बलजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उपनल कर्मी और पीआरडी जवान के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिन कर्मचारियों पर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी थी, उन्हीं पर कथित तौर पर चोरी की संपत्ति अपने कब्जे में रखने का आरोप लगा है। हालांकि सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

फिलहाल हिमाचल पुलिस चोरी के मूल मामले के साथ-साथ चोरी की संपत्ति को कथित रूप से खुर्द-बुर्द करने के आरोपों की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार चारों कर्मचारियों से पूछताछ और बरामद माल की जांच के बाद पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही, यह स्पष्ट हो सकेगा। मामले में आगे और गिरफ्तारी या बरामदगी होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।