बेसहारा गौवंश को लेकर गुरु रामपाल वैदिक ने उठाए सवाल, सख्त कार्रवाई की मांग

बेसहारा गौवंश को लेकर गुरु रामपाल वैदिक ने उठाए सवाल, सख्त कार्रवाई की मांग

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

शहर निवासी गुरु रामपाल वैदिक ने सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गौवंश को लेकर चिंता जताते हुए पशुपालकों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमते पशुओं की सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

रामपाल वैदिक ने आरोप लगाया कि कुछ पशुपालक गायों को दिनभर सड़कों पर छोड़ देते हैं और रात में उन्हें घर ले जाकर दूध निकालते हैं। उन्होंने ऐसे मामलों में संबंधित पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस विषय पर संज्ञान लेने की अपील की। उनका कहना है कि गौवंश को सड़कों पर बेसहारा छोड़ने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।

रामपाल वैदिक ने गौशालाओं की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गायों को केवल गौशालाओं तक पहुंचाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां उनके भोजन, उपचार और देखभाल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, इसलिए गौसंरक्षण को केवल धार्मिक भावना तक सीमित रखने के बजाय व्यवहार में भी पशुओं की देखभाल और संरक्षण पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

वैदिक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गाय के दूध देना बंद करने के बाद उसे अपने पास रखने के बजाय बेच देते हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों की निगरानी और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

इस दौरान उन्होंने राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने नेताओं, विधायकों और सांसदों की आर्थिक प्रगति को लेकर सवाल उठाए। यह उनका व्यक्तिगत राजनीतिक वक्तव्य था और उन्होंने इसके समर्थन में कोई विशिष्ट उदाहरण या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सरकारों को बेसहारा पशुओं की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर देखना चाहिए। साथ ही पशुपालकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पशुओं को सड़कों पर छोड़ने से बचना चाहिए।

रामपाल वैदिक ने सरकार से गौवंश संरक्षण, गौशालाओं की व्यवस्थाओं और बेसहारा पशुओं की समस्या को लेकर सख्त एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने लोगों से भी पशुओं के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की।